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Cover art for The Lamp That Listened

Indian Folktales · Maharashtra

The Lamp That Listened

In a quiet Konkan village, Tara learns that listening closely can light the way home.

6–10 yrsHindi11 minKindnessWonder

Narrated by Nandita Das

Meet the characters

Tara · Aaji · The little lamp

Read along

एक छोटे से कोंकण गाँव में, समुद्र के किनारे, तारा नाम की एक लड़की रहती थी। उसकी आजी रोज़ शाम को एक छोटे दीये की बाती जलाती और कहानियाँ सुनाती। "सुनो," आजी कहती, "दीया सिर्फ़ रोशनी नहीं देता — वह सुनता भी है।" एक रात आजी बाज़ार से देर से लौट रही थी। आसमान में बादल छा गए, और रास्ता अंधेरे में डूब गया। घर पर तारा चिंतित थी। उसने छोटे दीये को उठाया और धीरे से कहा, "दीया, आजी को घर लाना है। क्या तुम सुन सकते हो?" दीये की लौ काँपी, फिर सीधी हो गई। तारा दीये के साथ कदम रखती गई — और दीया सुनता गया: पगडंडी की गीली मिट्टी, आम के पेड़ की पत्तियाँ, दूर लहरों की आवाज़। हर आवाज़ ने उन्हें सही रास्ता दिखाया। आख़िर में उन्होंने आजी को देखा — पल्लू ओढ़े, मंदिर की सीढ़ियों पर बैठी। "तारा!" आजी हँसी, "तुम अकेली आई?" "नहीं," तारा मुस्कुराई, "दीये के साथ आई हूँ। वह सुनता है, ना?" उस रात के बाद गाँव के सारे बच्चे जान गए — जो ध्यान से सुनता है, वह कभी रास्ते में नहीं खोता। समाप्त।